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निदेशक मंडल

श्री राकेश मोहन अग्रवाल दिनांक 08.06.2016 को सरकार द्वारा नामित निदेशक के रूप में कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल हुए और 14 अक्‍तूबर, 2019 से आईटीआई लिमिटेड के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्‍त हुए। इससे पहले उन्‍हें निदेशक (विपणन) के रूप में आईटीआई लिमिटेड में नियुक्‍त किया गया और 27 अप्रैल 2018 को उन्‍होंने पदभार ग्रहण किया। वे 1986 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी है। उनके पास इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और संचार में स्‍नातकोत्तर डिग्री और वित्त विशेषज्ञता विषय के साथ एमबीए की डिग्री है। उन्‍हें दूरसंचार विभाग के विभिन्न संगठनों में नीति निर्माण, मानकीकरण योजना, संचालन और दूरसंचार नेटवर्क के रखरखाव में 30 से भी अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है।

अगस्‍त 2015 से दूरसंचार विभाग, मुख्‍यालय में उप महानिदेशक (एसयू) के रूप में, वे मुख्यतः दूरसंचार विभाग के सार्वजनिक उपक्रम अर्थात आईटीआई, टीसीआईएल, एचपीसीएल और टाटा संचार(पूर्व वीएसएनएल) और एचटीएल के अवशिष्‍ट कार्यों के मामलों हेतु उत्तरदायी थे। वे दूरसंचार विभाग के सभी संगठनों के बीच सहक्रिया हेतु भी उत्तरदायी थे। इस अवधि में आईटीआई को कायापलट (टर्न अराउन्‍ड) करने में उनका महत्‍वपूर्ण योगदान रहा।

उप महानिदेशक(एसयू) के रूप में काम करने से पहले उन्‍होंने दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक (एनटी) के रूप में काम किया और भारतीय दूरसंचार और आईटी उद्योग द्वारा नई तकनीकों अर्थात आईपीवी6, एम2एम और क्‍लाउड कंप्‍यूटिंग को अपनाने और लागू करने हेतु नीति निर्माण में शामिल थे। वे मार्च, 2013 में ‘नेशनल आईपीवी6 डिप्‍लॉइमन्‍ट रोडमैप वी2’ और देश के सभी हितधारकों द्वारा समयबद्ध आईपीवी6 कार्यान्‍वयन हेतु आईपीवी6 आधारित समाधान/वास्‍तुकला/केस स्‍टडीज पर संक्षेप-संग्रह लाया। वे 2015 में भारत में निवल तटस्‍थता के कार्यान्‍वयन हेतु सिफारिश लाने हेतु सरकार द्वारा स्‍थापित समिति के सदस्‍य-संयोजक थे। उन्‍होंने 2015 में ‘राष्‍ट्रीय दूरसंचार एम2एम रोडमैप’ की भी संकल्‍पना और रूपरेखा तैयार की थी, जिसे मई 2015 में माननीय संचार मंत्रालय और आईटी द्वारा विमोचित किया गया था।

श्री आर एम अग्रवाल ने विभिन्न महत्‍वपूर्ण विषयों पर चर्चा और कागजात प्रदान करके आईटीयू-टी, एपीएनआईटी, आईसीएएनएन, आईपीवी6 आदि जैसे राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय फोरम में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। उन्‍होंने 2009 में आईपीटीवी सेवाओं से संबंधित सिफारिशों मे आईटीयू (टी) में संपादक के रूप में भी योगदान दिया है।

श्री डी वेंकटेश्‍वरुलु ने 07 नवबंर, 2019 को आईटीआई लिमिटेड के निदेशक-उत्‍पादन का कार्यभार ग्रहण किया । वे 1985 में सहायक कार्यकारी अभियंता के रूप में कंपनी में शामिल हुए और उसके बाद विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। उनके पास स्विचिंग, ट्रांसमिशन, एक्सेस उत्पाद और रक्षा उत्पाद में आने वाले दूरसंचार उपकरणों की पूरी श्रृंखला के उत्पादन में 3 दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। कंपनी में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्‍होंने 5 वर्षों के लिए बेंगलूरु संयंत्र की उत्‍पादन इकाई का नेतृत्‍व किया और उसके बाद उन्‍हें पालक्‍काड इकाई में महाप्रबंधक और इकाई प्रमुख के रुप में पदोन्नति किया गया।

श्री वेंकटेश्‍वरुलु ने पुनरुद्धार योजना के अंतर्गत पीसीबी प्‍लांट, एसएमटी, मशीन शॉप, इंजेक्‍शन मोल्डिंग, 3डी प्रिंटिंग क्षेत्र जैसी सुविधाओं को सफलतापूर्वक अद्यतन करने में अपना महत्‍वपूर्ण योगदान दिया, जिससे आईटीआई को ईईएसएल, बीएचईएल, बीईएल, इसरो, सी-डैक आदि जैसे प्रतिष्ठित संगठनों से ऑर्डर प्राप्‍त करने में मदद मिली।

वे आंध्र विश्‍वविद्यालय से बी.टेक(केमिकल) एवं एम.टेक(पेट्रोलियम रिफाइनरी) की डिग्री हासिल की है।

श्री राजीव श्रीवास्‍तव ने 15 अक्‍तूबर, 2020 से कंपनी के निदेशक-वित्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे 17 दिसंबर, 2018 को आईटीआई लिमिटेड में महाप्रबंधक-वित्त के रूप में शामिल हुए। भारतीय लागत लेखाकार संस्‍थान के सदस्‍य एक योग्‍य वित्त पेशेवर, श्री श्रीवास्‍तव को 29 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

आईटीआई लिमिटेड में शामिल होने से पहले, उन्‍होंने दिसंबर 1990 से दिसंबर 2018 तक भारत सरकार के साथ निदेशक (लेखा) / वरिष्‍ठ लेखा अधिकारी के रूप में काम किया है।

श्री श्रीवास्‍तव ने दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से वाणिज्‍य में स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर, डीएवी लॉ कॉलेज से एलएलबी, इंस्‍टीटयूट ऑफ कॉस्‍ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) से सीडब्‍ल्‍यूए और इंस्‍टीटयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) से सीएस की उपाधि प्राप्‍त की है।

श्री राकेश चंद्र तिवारी को 7 जनवरी 2021 से आईटीआई लिमिटेड में निदेशक(विपणन) के रूप में नियुक्‍त किया गया । 1985 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी, श्री तिवारी के पास टेलीकॉम मैनेजमेंट, स्विच इंस्‍टॉलेशन, क्‍वालिटी एश्‍योरेंस, नेटवर्क प्‍लानिंग एंड ऑपरेशंस, प्रोजेक्‍ट इंप्‍लीमेंटेशन, एंटरप्राइज बिजनेस डेवलपमेंट, फिक्‍स्‍ड लाइन सर्विसेज के मार्केटिंग आदि में 3 दशकों से भी अधिक वर्षों का समृद्ध और व्‍यापक अनुभव है।

आईटीआई लिमिटेड में शामिल होने से पहले, श्री तिवारी बीएसएनएल निगमित कार्यालय, नई दिल्‍ली में प्रधान महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। बीएसएनएल में वे एंटरप्राइज बिजनेस पोर्टफोलियो के कार्य को संभाल रहे थे। बीएसएनएल के नेटवर्क फॉर स्‍पेक्‍ट्रम(एनएफएस) और भारतनेट जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाओं को संभालने में उनका महत्‍वपूर्ण योगदान रहा। उन्‍होंने अहमदाबाद और जलगाँव में कई सेमिनार और कौशल विकास पाठ्यक्रमों का आयोजन भी किया है। दूरसंचार विभाग/बीएसएनएल में उनकी उत्‍कृष्‍ट सेवाओं के लिए ‘संचार सारथी’ के रूप में उन्‍हें सम्‍मानित भी किया गया।

उन्‍होंने आरईसी कुरुक्षेत्र से इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और संचार इंजीनियरिंग में स्‍नातक डिग्री और एमडीआई गुरुग्राम से पीजीडीएम डिग्री हासिल किया है जिसमें राष्‍ट्रीय प्रबंधन कार्यक्रम(एनएमपी) भी शामिल है। कालांतर में उन्‍होंने सार्वजनिक क्षेत्र प्रबंधन में विशेषज्ञता विषय पर आईटीईएम अहमदाबाद से पीजीपी-पीएमपी पूरा किया। उन्‍होंने मणिपाल सिक्किम विश्‍वविद्यालय से एचआर में एमबीए की डिग्री भी प्राप्‍त की है।

सरकारी निदेशक

लेफ्टिनेंट जनरल मिलिन्द एन भुर्के राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र, 24 इंफेंट्री डिविजन सिग्नल रेजिमेंट में जनरल ऑफिसर 12 जून, 1982 को कमीशन किया गया था, जो कि एक नव उपलब्धि है। .

आपको सशस्त्र सेना की सभी महत्वपूर्ण कार्य प्रणालियों में उत्कृष्टता प्राप्त है। डिग्री इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में आपने सभी 3 ट्रॉफियों को प्राप्‍त किया तथा आईआईटी खड़गपुर से श्रेष्ठता के साथ कम्प्यूटर विज्ञान में एम.टैक की उपाधि हाशिल की । आपको आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित जूनियर कमांड और सीनीयर कमांड, दोनों में, इंस्ट्रक्टर ग्रेडिंग प्रदान की गई । आपने डिफेंस सर्विसेस स्टाफ कॉलेज, हायर एयर कमांड एवं नेशनल डिफेंस कोर्स जैसे सभी प्रतिष्ठित प्रवाहों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है ।

व्यावसायिक फ्रंट पर, जनरल ऑफिसर द्वारा स्ट्राइक कोर के ग्रेड I स्टाफ अधिकारी, पिवट कोर के कर्नल क्यू (वर्क्स), सैन्य सचिवालय शाखा में उप सैन्य सचिव और उप महानिदेशक (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) की महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं । आप वॉरडैक में ग्रेड-2 के स्टाफ अधिकारी थे तथा आपको डीआरडीओ के तात्कालिक अध्यक्ष डा. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ मिलकर कार्य करने का विशिष्ट अवसर प्राप्त हुआ । आपरेशन पराक्रम के दौरान आपने एक इंफेंट्री सिग्नल रेजिमेंट की कमान संभाली है तथा आप एक स्ट्राइक कोर के चीफ सिग्नल ऑफिसर, एक कमांड के चीफ सिग्नल ऑफिसर तथा सिग्नल महानिदेशालय में अपर महानिदेशक - समर व्यूह संचार रहे हैं । अपनी सेवा विशिष्ट 38 वर्षों के कार्यकाल के दौरान आपको अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड एवं आर्मी कमांडर कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया है ।

जनरल ऑफिसर 1 जनवरी, 2021 को सिग्नल ऑफिसर-इन-चीफ का पदभार ग्रहण करने से पूर्व 1 जनवरी, 2018 से दिसम्बर, 2020 की अवधि के दौरान मिलिट्री कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, म्होव में कमांडेंट थे। आपका चयन 64 कर्नल कमांडेंट ऑफ कोर ऑफ सिग्नल्स के लिए 1 अगस्त, 2018 से किया गया था।

डॉ. राजेश शर्मा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय में 1988 बैच के भारतीय दूरसंचार सेवा(आईटीएस) के अंतर्गत आते हैं और वे वर्तमान में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय उप महानिदेशक(सेवा यूनिट) के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. शर्मा के पास दूरसंचार विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड में प्रचालन में दूरसंचार प्रौद्योगिकी, वायरलेस के योजनाएँ और रोल-ऑउट, वायर-लाइन और ब्रॉडबैंड प्रौद्योगिकी में 30 से भी अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है। डॉ. शर्मा वर्तमान में आईटीआई लिमिटेड और टाटा संचार लिमिटेड के बोर्ड में सरकार द्वारा नामित निदेशक के रूप में कार्यरत है।

डॉ. शर्मा ने पूर्व में भारत सरकार के इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय(एमईआईटीवाई), के अंतर्गत राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) में निदेशक (क्षमता निर्माण) के रूप में प्रतिनियुक्ति पर काम किया, जहाँ वे ई-गर्वनमेंट परियोजनाओं हेतु क्षमता निर्माण और केंद्रीय लाइन मंत्रालय और राज्‍य सरकार में विभिन्‍न स्‍तरों पर प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु जिम्‍मेदार थे।

सूचना प्रणाली (पीएचडी के समकक्ष) क्षेत्र में इंडियन इंस्टियूट ऑफ मैनेजमेंट के सदस्‍य, डॉ.शर्मा ने एमडीआई गुडगांव से प्रबंधन (पीजीडीएम) में स्‍नातकोत्तर और इन्‍दौर विश्‍वविद्यालय से बी.ई(इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स) की डिग्री भी हासिल की।

डॉ. शर्मा ने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कई व्‍यापक शोध पत्र, केस स्‍टडी और पुस्‍तकों की समीक्षा को प्रकाशित की। उनके रुचि के क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के शासन, दूरसंचार प्रौद्योगिकी, ई-गवर्नेंस, प्रौद्योगिकी स्‍वीकृति, इंटरोऑपरेबिलिटी, ग्रीन आईटी, अनुशंसाकर्ता प्रणाली, ज्ञान प्रबंधन, स्थिरता और व्‍यवसाय प्रक्रिया पुन:अभियांत्रिकरण शामिल हैं।

स्‍वतंत्र निदेशक

डा. राजा नायक, आयु 60 वर्ष, एक अनुसूचित जनजाति के उद्यमी, समाज सेवी एवं दलित इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईसीसीआई) के राष्‍ट्रीय उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष, दक्षिण भारत, दलित इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री हैं ।

आपको एल्ड्रसगेट यूनिवर्सिटी, यूरोप द्वारा अधिकारिक रूप से यूरोपियन प्रोफेशनल डॉक्टरेट प्रदान की गई है ।

डा. राजा नायक, अक्षय एंटरप्राइसेस, एमसीएस लॉजिस्टिक्स से सम्बद्ध हैं, वर्तमान में आप - कला निकेतन कॉलेज आफ एजुकेशन, के.जे कांवेंट नर्सरी, प्राइमरी एंड हाई स्कूल नामक संस्थानों के अध्यक्ष, पर्पल हेज ब्यूटी स्पॉ प्राइवेट लिमिटेड एवं जाला बेवरेज्सि के निदेशक तथा नायक फूड एंड बेवरेज्सि एवं नायक पावर सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं ।

डा. राजा नायक विख्यात समाज सेवी हैं। आपने अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति समुदाय की प्रथम पीढ़ी को अनेक सहायताएं प्रदान की हैं, उन्हें कर्नाटक सरकार औद्योगिक बोर्ड, स्टेट फाइनेंस कार्पोरेशन से सम्बद्ध किया है । आपने किसानों एवं खाद्य निर्माण उद्यमियों को अपनी फार्मिंग का उन्नयन, कांट्रेक्ट फार्मिंग एवं उत्पादों के मूल्य संवर्धन में सहायता प्रदान करने के लिए सेंट्रल फूड टैक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फूड प्रोस्सेसिंग टैक्नोलॉजी के साथ सहकार्यताएं की हैं।

अवार्ड एवं मान्यताएं: आपको प्राप्त कुछ विशिष्ट पुरस्कारों का विवरण नीचे दिया गया है:

  • ज़ी बिज़नेस (मेकर्स ऑफ इंडिया 2016 सीजन 6)
  • हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (डा. बाबासाहेब अम्बेडकर पुरस्कार)
  • एपीएस रिसर्च मीडिया (द वर्ल्ड सिग्नेचर अवार्ड, 2019)
  • इंडिया मार्ट एमर्जिंग बिज़नेस फोरम 2016
  • कर्नाटक सारिगे रत्न अवार्ड (कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम 2015)
  • नायक मित्र (समाज सेवा रत्न अवार्ड 2016)
  • एल्ड्रसगेट यूनिवर्सिटी, यूरोप द्वारा यूरोपियन प्रोफेशनल डॉक्टरेट 2019

सम्बद्धता:

  • (डीआईसीसीआई) राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रमुख - जनजातिय विंग - 2021
  • आईआईएम जम्मू- गैर-संकाय चयन समिति के सदस्य - 2021
  • अध्यक्ष, दक्षिण भारत, दलित इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईसीसीआई) - 2020
  • जिला स्तरीय एकल विन्डो क्लीयरेंस समिति में आमंत्रित सदस्य, जिला उद्योग केन्द्र (डीआईसी), कर्नाटक
  • सदस्य - साउथ रिजनल काउंसिल, द कंफिड्रेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई)
  • सदस्य, दक्षिण क्षेत्र (सीआईआई) सब-कमेटी ऑन सस्टेनेबिल्टी, कॉर्पोरेट सोशल रस्पोंसिबिल्टी एंड एफर्मेटिव एक्शन (संवहनीयता, कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व एवं सकारात्मक कार्रवाई उप-समिति)
  • सब-कमेटी सदस्य - एम्प्लायमेंट जनरेशन, स्किल एंड लिवलीहूड, सदर्न रिजन (सीआईआई) (उप-समिति सदस्य - रोजगार उत्पति, शिक्षा, कौशल एवं आजीविका, दक्षिण क्षेत्र (सीआईआई)

श्रीमती ममता पलारिया, आयु 59 वर्ष, कुमायुं विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री, स्नातक डिग्री एवं एलएलबी घारक हैं । व्यवसाय से आप एक वकील हैं तथा सिविल कोर्ट, हल्द्वानी (उत्तराखंड) में वर्ष 1986 से प्रेक्टिस कर रही हैं । आप 31.1.2017 से 31.1.2020 के दौरान भारत वेगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड में स्वतंत्र निदेशक रही हैं ।

श्री बिलेश्वर सिन्हा, आयु 41 वर्ष, बी.एन.मंडल यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल से विधि स्नातक डिग्री के धारक हैं । व्यवसाय से आप वकील हैं तथा आपका जिला विधि सेवा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2017 में बंकुरा जिले के लिए सर्वश्रेष्ठ अधिवक्ता का पुरस्कार प्रदान किया गया । श्री बिलेश्वर सिन्हा द्वारा किए जा रहे अन्य सामाजिक क्रियाकलापों के अंतर्गत उनकी सम्बद्धता बंदी अधिकार, दिव्यांगजन अधिकार, महिला अधिकार, बाल अधिकार, श्रमिक अधिकार इत्यादि से है ।

मुख्य सतर्कता अधिकारी

श्री बी कासिविनाथन

मुख्य वित्तीय अधिकारी

श्री राजीव श्रीवास्तव

कंपनी सचिव

श्रीमती एस। शनमुगा प्रिया

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यह आईटीआई लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट है, जो दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।


अंतिम अद्यतन
12th मई 2022

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